पहले एक कमाता था *नौ* खाते थे,_ _इस लिये उसे *नौकरी* कहते थे

_पहले एक कमाता था नौ खाते थे,_
_इस लिये उसे नौकरी कहते थे.._ 😐

_फिर एक कमाता था चार खा लेते थे,_
_इसलिये उसे चाकरी कहते थे.._ ☹

_फिर जितना मिलता था वो तन के लिये ही पूरा था_
_इस लिये उसे तनखा कहते थे,_

_अब तन को भी पूरा नहीं पड़ता_
इसलिये उसे वे-तन कहते हैं..

                 
       

Comments

Popular posts from this blog

हम लड़कियां लड़कों से ज्यादा Smart होती हैं. .

"बैठना भाइयों के बीच, चाहे "बैर" ही क्यों ना हो.. और खाना माँ के हाथो का, चाहे "ज़हर" ही क्यों ना हो..